विश्व के सात प्राकृतिक अजूबों में शामिल ग्रैंड कैनियन (संयुक्त राज्य अमेरिका) की यात्रा
जहाँ चुप हैं नदियों के प्रवाह और समय के निशान
डॉ. स्वाति तिवारी
वे कभी अमेरिका नहीं गए थे, फिर कैसे इतना कुछ शब्द शब्द वर्णन कर देते थे जैसे वहीँ खड़े हों? उनके शब्द मेरे कानों में गूँज रहे थे "नदी और उसकी सहायक नदियों ने उस क्षेत्र को परत-दर-परत काटा होगा और पठार ऊपर गया होगा, तब एक अजसामने आया जब पृथ्वी का भूगर्भीय इतिहास प्रकट हुआ ऐसा अजूबा कि देखने वाले बस देखते रह जाएँ दाँतों तले उँगली दबाएँ---“जानती हो इस अजूबे को क्या कहते है ?"
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“ग्रैंड कैन्यन"--विश्व के एक विशाल प्राकृतिक अजूबे के साथ ही ग्रैंड कैन्यन अमेरिका के सबसे बड़े पर्यटक केंद्रों में से एक है।
आठवीं क्लास में पढ़ने वाली एक बच्ची जिसने तब केवल नर्मदा नदी और नर्मदा घाटी ही देखी सुनी थी उसके लिए वैश्विक अजूबा नया शब्द था मैंने तब पिताजी की तरफ आश्चर्य से देखा मेरी नज़रों में प्रश्नवाचक था 'हम कब जायेंगे देखने?"
पिताजी ने विश्व एटलस निकाला और समझाया कि वह हमारे पड़ोस में थोड़ी है और वो तो सात समन्दर पार अमेरिका महाद्वीप पर है| पिता की आँखे भी आश्चर्य से भरी थी उन्होंने कहा वंडर्स ऑफ़ द वर्ल्ड --एटलस अब मेरे हाथों में था| पिता भूगोल के शिक्षक थे दुनिया भर के एटलस उनकी हॉबी थी| वे दुनिया में बच्चों की रूचि जगाने के लिए ऐसी जगहों के बारे में बताया करते थे|
ग्रैंड कैन्यन दुनिया का महा दर्रा है जो पश्चिम से आरम्भ हुआ और दूसरी तरफ पूर्व से भी बनने लगा| साथ-साथ दो धाराओं की तरफ बनते बनते लगभग साठ लाख वर्ष पूर्व दोनों दरारें एक स्थान पर एक साथ मिल गईं जैसे गंगा-जमुना मिलती है ना| मेरी कॉपी पर पेन्सिल से दोनों तरफ से दो दरारों को खींचते हुए उन्होंने मिला दिया, वो कॉपी जिसमें वे दुनिया का एटलस समझाते थे, अब भी कहीं हमारे घर में मिल जाएगी| चित्र मेरी आँखों में अब भी बना हुआ है जो धुँधला हो गया था|
नाऊ वी आर फ़्लाइंग ओवर वंडर ऑफ़ द वर्ल्ड--------ग्रैंड कैन्यन, हेलीकॉप्टर चालक की आवाज से मेरी तन्द्रा भंग हुई| खिड़की से नीचे झाँका मेरी कॉपी के पन्ने पर पिता द्वारा खींची रेखा दुनिया के वितान पर एक विराट दर्रा, केवल रेखा नहीं था किसी कलाकार की पेंटिंग थी शायद, नहीं वो प्रकृति के ऐसे गुम्बद थे जैसे विष्णु के मंदिरों के होते हैं, वे रेत के टीले थे, वे लाल भूरे काले पहाड़ थे जिन पर नक्काशी दिखाई देती है| मैं रोमांचित होते हुए देख रही थी पिता का समझाया अजूबा, जो उनकी बेटी को उसकी बेटी ने दिखाया| पिता इस यात्रा में साथ नहीं हैं, उनका हाथ छूटे सालों हो गए, पर वे मेरे साथ थे| इस यात्रा में शब्द बन कर बार बार याद आ रहे थे मैंने आसमान की ओर देखा शायद वो मुझे दुनिया देखते हुए वहाँ से देख रहे हों? पिता से बेहतर भूगोल का शिक्षक मैंने अपने जीवन में फिर कहीं नहीं पाया और यात्रा गाइड तो वो अब भी मेरे बने रहते हैं शायद ही कोई यात्रा हो जिसमें वे याद ना आते हों| वे शब्दों से दुनिया भर की यात्रा करवा देते थे, जिज्ञासा जगाना कोई उनसे सीखे, वे आर्थिक रूप से संपन्न नहीं थे पर ज्ञान का अचूक भण्डार उनके पास था, न टी.वी. थे, ना फोन-कंप्यूटर का तो सवाल ही नहीं था फिर कैसे वे इतना जानते थे? मेरे लिए तो यही दुनिया का सबसे बड़ा अजूबा बना हुआ है|
कहाँ सोचा था कभी कि मैं कभी अमेरिका महाद्वीप पर जाऊँगी? सपना भी नहीं देखा था कभी भूली बिसरी बातें अचानक सामने आ जाएँ तो स्मृति हमें कहाँ-कहाँ ले उड़ती है, परिवार साथ था पर स्मृति पिता के साथ यात्रा करवा रही थी| नीचे लालिमा लिए भूरे मटमैले पठार थे जिन पर परत-दर-परत दरारें दिखाई दे रही थीं, इनके बीच कहीं-कहीं जल धाराएँ दिख रही थीं, दूर-दूर तक फैले निर्जन भयावह से लगते एक क्षितिज से दूसरे क्षितिज तक अनंत में फैले रेतीले मरुस्थलीय पठार| हेलीकॉप्टर ने एक अजीब सी घरघर शुरू की तो एक पल को लगा, यदि इस वीराने में कुछ हो जाए तो पानी की एक बूँद भी देने वाला नहीं मिलेगा पर सामने से आते दूसरे हेलीकॉप्टर ने भय को उड़न छू कर दिया|
अपनी तीसरी बार की अमेरिका यात्रा में इस बार बच्चों ने हमारे साथ कैलिफ़ोर्निया (संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित एक राज्य है) देखा। यह अमेरिका का सबसे अधिक आबादी और क्षेत्रफल में अलास्का और टेक्सास के पश्चात् तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। कैलिफ़ोर्निया के ऊपर औरिगन, और उसके नीचे मैक्सिको है। कैलिफ़ोर्निया की राजधानी सैक्रामेण्टो है। संयुक्त राज्य अमेरिका का आधा फल इस राज्य से आता है, ऐरिज़ोना [संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में स्थित एक राज्य है] इसका सबसे बड़ा शहर और राजधानी फ़िनक्स है। दूसरा सबसे बड़ा राज्य टक्सन है और उसके बाद फ़िनक्स के महानगर क्षेत्र स्थित शहर मेसा, ग्लेनडेल, चंदलर और स्कॉट्सडेल है, लास वेगास (नवादा का सबसे ज़्यादा आबादी वाला शहर है), क्लार्क काउंटी का स्थान है और जुआ, खरीदारी तथा शानदार खान-पान के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाने वाला एक प्रमुख रिसॉर्ट शहर है। स्वयं को दुनिया की मनोरंजन राजधानी के रूप में प्रचारित करने वाला लॉस वेगास, कसीनो रिसॉर्ट्स की बड़ी संख्या और उनसे संबंधित मनोरंजन के लिए मशहूर है, सैन फ्रांसिस्को शहर [कैलिफ़ोर्निया में चौथी सबसे अधिक आबादी वाला शहर है और संयुक्त राज्य अमेरिका में 12 वीं सबसे अधिक आबादी वाला शहर है, यहाँ की 2008 में 808977 अनुमानित जनसंख्या है] जाने का प्रोग्राम बना लिया था उसी के साथ बच्चों ने इस विश्व के अजूबे को भी दिखाने का सोचा वो इसे पहले देख चुके थे| पल्लवी का कहना है कि यह लाइफ टाइम अचीवमेंट है माँ, चलो आपको नानाजी वाला ज्ञान आँखों से दिखाते हैं|
मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि आपके पिता की कोई इच्छा आपके बच्चे इस तरह पूरी कर सकते हैं| यात्रा अद्भुत थी पति और बच्चे दामाद साथ थे, फिर क्या था मैं घुमक्कड़ मेरा मन घुमक्कड़, यात्रा की यायावरी में रमती हूँ प्रकृति के साथ| अल सुबह हम लॉस वेगास से ट्रेवल्स की बुकिंग अनुसार सड़क मार्ग [हाईवे us 93] से बस द्वारा निकले यह बस हमें होटल से ही पिक अप करती है, हेलीपेड तक ले जाने के लिए| हमारा पहला पड़ाव था लॉस वेगास से 33 मील दूर स्थित हूवर बाँध| यह बाँध नेवादा और एरिज़ोना राज्य की सीमा पर कोलोरोडो नदी की ब्लैक कैनियन के ऊपर बना हुआ है, बेहद नाजुक दिखने वाला यह पुल अनोखे पुलों में शामिल है| सन् १९३६ में बन कर तैयार हुआ हूवर बाँध, जो कभी बौल्डर बाँध के नाम से जाना जाता था, एक कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण-चाप बाँध है, जो अमेरिकी राज्यों एरिज़ोना और नेवादा की सीमा के बीच स्थित कोलोराडो नदी के ब्लैक कैनियन पर है| जब 1936 में इसका निर्माण पूरा हुआ, तब यह पनबिजली ऊर्जा उत्पन्न करने वाला विश्व का सबसे बड़ा स्टेशन और विश्व की सबसे बड़ी संरचना थी| 1945 में ग्रांड कौली बाँध, इन दोनों ही मामलों में इससे आगे निकल गया| यह आज की तारीख में विश्व का 38वां सबसे बड़ा पनबिजली उत्पादन केंद्र है|
लास वेगास, नेवादा के दक्षिणपूर्व में स्थित 30 मील (48 किमी) इस बाँध का नाम हरबर्ट हूवर के नाम पर रखा गया है जिन्होंने पहले एक वाणिज्य ट्रू िव के रूप में और बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में इस बाँध के निर्माण में एक सहायक भूमिका निभाई| इसका निर्माण 1931 में शुरू हुआ और 30 सितंबर 1935 को राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट द्वारा इसे समर्पित कर दिया गया, लेकिन इसका निर्माण 1936 तक ही पूर्ण हो पाया जो अपने निर्धारित समय से दो वर्ष आगे चल रहा था| यह बाँध और ऊर्जा संयंत्र अमेरिका के आंतरिक विभाग के ब्यूरो ऑफ़ रिक्लमेशन द्वारा संचालित होता है| 1981 में ऐतिहासिक स्थानों के राष्ट्रीय रजिस्टर में सूचीबद्ध होने के बाद, हूवर बाँध को 1985 में एक नैशनल हिस्टोरिक लैंडमार्क नामित किया गया| बाँध में इस्तेमाल किया गया कंक्रीट, सेन फ्रांसिस्को से न्यूयॉर्क तक के दो-लेन वाले एक राजमार्ग के निर्माण के लिए पर्याप्त है| अमेरिका में बने दुनिया के सबसे ऊँचे हूवर बाँध के निर्माण के साथ 112 मौतें जुड़ी हुई थीं| बाँध पर काम करते हुए कितने लोगों की मृत्यु हुई और मरने वालों में कौन पहला और कौन आखरी था, इसका कोई निश्चित विवरण नहीं है| एक लोकप्रिय कथा के अनुसार हूवर बाँध के निर्माण में मरने वाले प्रथम व्यक्ति सर्वेक्षक जे.जी. टिएर्नेय थे, जिनकी मृत्यु बाँध के लिए आदर्श स्थान ढूँढते हुए डूब जाने से हुई| संयोगवश, उनके बेटे, पैट्रिक डब्ल्यू टिएर्नेय, बाँध पर कार्य करते हुए मरने वाले अंतिम व्यक्ति थे, जो उनके पिता के मृत्यु दिवस से 13 वर्ष बाद था| छियानवे लोगों की मृत्यु निर्माण स्थल पर निर्माण के दौरान हुई| हालाँकि, एक और सर्वेक्षक की मृत्यु निर्माण से पहले एक संभावित निर्माण स्थल का सर्वेक्षण करते हुए हुई और इन आँकड़ों में निर्माण के दौरान हुए अन्य आकस्मिक और संयोग वश मृत्युएँ (जैसे दिल का दौरा, हृदयाघात, आदि) शामिल नहीं है| मीएड झील से बहता हुआ जल धीरे-धीरे संकुचित होते हुए स्लूस के माध्यम से गुज़रते हुए बिजलीघर में पहुँचता है और टर्बाइनों तक पहुँचते हुए उसकी गति लगभग 85 मील/घंटा (137 किमी/घंटा) हो जाती है| कोलोराडो नदी का पूरा प्रवाह टरबाइन के माध्यम से होकर गुजरता है जिसका पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा| बाँध के निर्माण को नदी के मुहाने से संबद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के पतन के युग की शुरुआत के रूप में अंकित किया गया| बाँध के निर्माण के बाद और लेक मीएड के भर जाने पर, 1930 के दशक के उतरार्ध में छः साल के लिए, वस्तुतः पानी का कोई प्रवाह नदी के मुँह तक नहीं पहुँचा| डेल्टा के मुहाने को, जो पूर्व में कभी ताज़ेपानी-खारेपानी का एक मिश्रण क्षेत्र था और जो नदी के मुख से 65 किलोमीटर (40 मील) दक्षिण की ओर फैला हुआ था, एक व्युत्क्रम मुहाने में परिवर्तित कर दिया गया जहाँ नदी के मुख पर लवणता की मात्रा वास्तव में उच्च थी|
कोलोराडो नदी ने हूवर बाँध के निर्माण से पूर्व प्राकृतिक बाढ़ का अनुभव किया था| बाँध ने प्राकृतिक बाढ़ को समाप्त कर दिया, जिसके कारण बाढ़ के अनुसार अनुकूलित हो चुकी कई प्रजातियाँ, जिनमें पौधे और पशुएँ दोनों शामिल हैं, खतरे में आ गए|
बाँध के निर्माण ने, बाँध से अनुप्रवाहित नदी में रहने वाली स्थानीय मछलियों की जनसंख्या को भी बहुत कम कर दिया है| कोलोराडो नदी में रहने वाली मछलियों की चार स्थानीय प्रजातियों को, U.S. फेडरल सरकार द्वारा वर्तमान में लुप्तप्रायः के रूप में सूचिबद्ध किया गया है, यह प्रजातियाँ हैं बोनिटेल चब, कोलोराडो पाइकमिनो, हम्पबैक चब और रेज़रबैक सकर| हूवर बाँध को कई फिल्मों में प्रदर्शित किया गया, जिनमें दी सिल्वर स्ट्रीक, सेबोटेओर, वेगास वेकेशन, चेरी 2000, ट्रांसफॉर्मर्स, विवा लॉस वेगास, युनिवर्सल सोल्जर, सुपरमैन और दर्जनों अन्य फिल्मों में शामिल हैं| कहते हैं, यह बाँध इंजीनियरिंग की दुनिया में कमाल माना जाता है|
एरिज़ोना का मरुस्थल शुरू हो चुका था| हमें एक छोटी ड्राइव के बाद पहुँचना था किंग्समन शहर और फिर बोल्डरसिटी म्युनिसिपल एयर पोर्ट जहाँ हक्बेरी जनरल स्टोर है यहाँ से बेटी ने और मैंने पत्थरों की बनी कुछ गिफ्ट खरीदी| महँगा स्टोर था पर कुछ यादगारी तो लेनी ही थी सो ले ली| यहाँ से हेलीकॉप्टर से जाना था| हम थोड़ा विलम्ब से पहुँचे थे इंतज़ार करना पड़ा और तब तक भूख ने भी आक्रमण कर ही दिया था पर शाकाहारी मैं, तिवारीजी और बेटी कुछ हमारे मालवा जैसा चटपटा कचोरी समोसा तो मिलना नहीं था| बेटे दामाद ने आमलेट लिया और हमने बनाना ब्रेड और फल| मुझे मूँगफली और पकोड़े याद आये तो हँसी आ गई, पति देव ने पूछा कचोरी को याद कर रही हो, तो निकालो न इंदौरी सूखी कचोरी? भूल गई लाना| हेलीकॉप्टर में खिड़की मुझे मिली, पहला अनुभव था हेलीकॉप्टर का, हमें बेल्ट लगाना था उसी में लगा था हेडफोन, उड़ चले थे एक नए अनुभव की ओर| पहले आया हरा हरा सा दिखता बोल्डर सिटी फिर पिच-स्प्रिंग और फिर ग्रैंड कैन्यन जहाँ कोलोराडो नदी और उसकी सहायक नदियों ने रचा था एक अनोखा लैंडस्केप| बेहद रूखे क्षेत्र में कहीं-कहीं कुछ कँटीली झाड़ियाँ दिखाई दे रही थीं पर मरुस्थल का विस्तार तो रुखा और सुखा ही था, अगर हम हवाई मार्ग की जगह सड़क मार्ग से जाते तो किंगस्मन से स्ट्रेट रोड AZ 66 से 174 मील चलना पड़ता, पर तपती गर्म मरुभूमि का वीराना जिस पर परदेस। हवाई मार्ग ही ठीक लगा रेतीले पथरीले निर्जन-वीराने का एक अलग ही सम्मोहन महसूस हो रहा था| हमारा हेलीकॉप्टर पैचस्प्रिंग मे घूम रहा था चालक ने बताया कहीं-कहीं पहाड़ों के बीच बस्ती भी है कैनियन की गुफाओं और कुटिया जैसे घरों में अमेरिका के मूल वासी इतिहास काल से निवास करते हैं| देख रही थी मैं धरती की अरबों साल की भौगोलिक यात्रा 450 किलोमीटर लम्बी और 1,800 मीटर से भी ज्यादा खड़ी गहराई। याद आती है एक कहावत---करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सूजान, रस्सी आवत जात के सील पर पड़त निशान| ओह चट्टानों पर पानी की धार के निशान साफ दिखाई दे रहे थे| कोलोराडो नदी तुम पुरातन काल से यहाँ अपनी उपस्थिति के प्रमाण बना रही हो, चट्टानों से लड़ रही हो, आखिर क्यों? हेलीकॉप्टर उतर रहा है धीरे-धीरे जमीन पर| पहले से उतरा हेली
कॉप्टर उड़ान भरने को है, लाल भूरे रंग की ज़मीन पर हम खड़े सामने धीर-समीर नदी है काँच जैसा पानी, ग्रैंड कैन्यन घाटी संयुक्त राज्य अमेरिका के एरिज़ोना राज्य से होकर बहने वाली कोलोराडो नदी की धारा से बनी तंग घाटी है। यह घाटी अधिकांशत: ग्रैंड कैन्यन नेशनल पार्क से घिरी है जो अमेरिका के सबसे पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था। इस स्थान पर पहुँचने वाले पहले यूरोपीय यात्री स्पेन के गार्सिया लोपेज दि गार्सेनाज थे जो यहाँ १५४० में पहुँचे थे। नए परीक्षणों के बाद भू-विशेषज्ञों का कहना है कि कोलोराडो बेसिन एक करोड़ सत्तर लाख वर्ष पूर्व बना था। वर्ष २००८ में इस नई खोज को प्रकाशित किया गया था जो घाटी से मिले कैल्साइट की यूरेनियम जाँच के बाद प्रकाश में आया था। हालाँकि बाद में इस खोज पर बहुत विवाद भी हुआ था। लगभग २० करोड़ वर्ष पूर्व कोलोराडो नदी और उसकी सहायक नदियों ने इस क्षेत्र को परत दर परत काटा था और कोलोराडो पठार ऊपर उठता गया था| चालक कहने लगा-“वर्ष २००८ में इस नई खोज को प्रकाशित किया गया था जो घाटी से मिले कैल्साइट की यूरेनियम जाँच के बाद प्रकाश में आया था। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने पिछली शताब्दी के आरंभ में ग्रैंड कैन्यन पार्क को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया था। आज यह कई प्राणियों को संरक्षण देता है। कोलोराडो नदी में भी पर्यटक कई तरह के जल-क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) का आनंद भी उठाते हैं। इस विशालकाय घाटी को देखने के लिए पर्यटकों को हवाई जहाज की सुविधा भी मिलती है। एक विशाल प्राकृतिक अजूबे के साथ ही ग्रैंड कैन्यन अमेरिका के सबसे बड़े पर्यटक केंद्रों में से एक है। ग्रैंडव्यू पाइंट से ग्रैंड कैन्यन और ब्लू आवर, ग्रैंड कैन्यन का आलौकिक दृश्य, सामने दूर तक अनंत विस्तार लिए पहाड़ों में अनेकानेक खाइयों से तराशी पत्थरों के अलग-अलग लाल-भूरे, धूसर-मटमैले, शाहबलूती-सुनहरे रंगों की कलाकृतियाँ दो बिलियन सालों का धरती के विकास का
भूगर्भीय प्रमाण बिखरा पड़ा था। सालों साल हुई धरती की कोख में ज्वालामुखीय हलचल का एक अमूल्य दस्तावेज़। जहाँ आग्नेय चट्टानें पठारों के रूप मे ऊपर उठती गईं| आश्चर्य होता है कि कोलोरोड़ो नदी की मंद-मंथर गति भी पत्थरों को इस तरह काट अपने अस्तित्व का संघर्ष कर रही है। पल्लवी मेरा हाथ खींचती नदी के किनारे ले गई फोटो खींचने| फोटो तो मैंने पत्थरों, कँटीली झाड़ियों कैक्टस सब के लिये। नदी मुझे पास बुलाती रही शायद अपने गहन गहराइयों मे दबे राज़ सुनाना चाहती हो। मुख्य खाई घोड़े की नाल के आकार की है| गाइड कहता यह अँग्रेजी अक्षर C का आकार है मुझे शिवलिंग सा लगता है आस्तिक होने के ही फायदे हैं ये| मैं नमन कर लेती हूँ शिवलिंग हो ना हो प्रकृति का कृतित्व तो है ही। सामने के ये पठार विष्णु टेम्पल कहलाते हैं अपने आकार प्रकार से। भूख तेज़ हो जाती हमारा लंच शाकाहारी लिखवाया था पर माँसाहारी निकला बियर, आइसक्रीम और बनाना से काम चलाना पड़ा पैसे वापस दिये| नैसर्गिक सौंदर्य का रोमांचक अनुभव जिसमें पानी इंद्रधनुष दिखाई देता है । समय हो गया वापस चलने का हेलीकॉप्टर चालक अब मित्र बन गए| खूब फोटो खींचने के बाद फिर उड़ान वीराने से सघन मानवीय आबादी वाले लॉस वेगास। प्लान बनता है क्यों ना कल आधा दिन है स्काय वॉक भी कर लें------कोलोराडो तुम हमेशा याद रहोगी| मैं हेलीकॉप्टर में आने के पहले दोनों हाथ ऊपर करती हूँ पिता को आवाज लगाती------------देखो पापा आज मैंने अजूबा देख लिया---------
देखी मैंने एक नदी, गाती रीति रेत हुई
मरुस्थली चट्टानों से
वह खूब लड़ी
बढ़ती चली, बहती गई, बाँधी गई, साधी गई,
फिर भी वह न ठहर सकी
झुकी नहीं, टूटी नहीं, मुड़-मुड़कर वह निकल चली|
डॉ. स्वाति तिवारी
ई-एन १/९, चार इमली,
भोपाल-४६२०१६
संपर्क-०९४२४०-११३३४
जहाँ चुप हैं नदियों के प्रवाह और समय के निशान
डॉ. स्वाति तिवारी
वे कभी अमेरिका नहीं गए थे, फिर कैसे इतना कुछ शब्द शब्द वर्णन कर देते थे जैसे वहीँ खड़े हों? उनके शब्द मेरे कानों में गूँज रहे थे "नदी और उसकी सहायक नदियों ने उस क्षेत्र को परत-दर-परत काटा होगा और पठार ऊपर गया होगा, तब एक अजसामने आया जब पृथ्वी का भूगर्भीय इतिहास प्रकट हुआ ऐसा अजूबा कि देखने वाले बस देखते रह जाएँ दाँतों तले उँगली दबाएँ---“जानती हो इस अजूबे को क्या कहते है ?"
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“ग्रैंड कैन्यन"--विश्व के एक विशाल प्राकृतिक अजूबे के साथ ही ग्रैंड कैन्यन अमेरिका के सबसे बड़े पर्यटक केंद्रों में से एक है।
आठवीं क्लास में पढ़ने वाली एक बच्ची जिसने तब केवल नर्मदा नदी और नर्मदा घाटी ही देखी सुनी थी उसके लिए वैश्विक अजूबा नया शब्द था मैंने तब पिताजी की तरफ आश्चर्य से देखा मेरी नज़रों में प्रश्नवाचक था 'हम कब जायेंगे देखने?"
पिताजी ने विश्व एटलस निकाला और समझाया कि वह हमारे पड़ोस में थोड़ी है और वो तो सात समन्दर पार अमेरिका महाद्वीप पर है| पिता की आँखे भी आश्चर्य से भरी थी उन्होंने कहा वंडर्स ऑफ़ द वर्ल्ड --एटलस अब मेरे हाथों में था| पिता भूगोल के शिक्षक थे दुनिया भर के एटलस उनकी हॉबी थी| वे दुनिया में बच्चों की रूचि जगाने के लिए ऐसी जगहों के बारे में बताया करते थे|
ग्रैंड कैन्यन दुनिया का महा दर्रा है जो पश्चिम से आरम्भ हुआ और दूसरी तरफ पूर्व से भी बनने लगा| साथ-साथ दो धाराओं की तरफ बनते बनते लगभग साठ लाख वर्ष पूर्व दोनों दरारें एक स्थान पर एक साथ मिल गईं जैसे गंगा-जमुना मिलती है ना| मेरी कॉपी पर पेन्सिल से दोनों तरफ से दो दरारों को खींचते हुए उन्होंने मिला दिया, वो कॉपी जिसमें वे दुनिया का एटलस समझाते थे, अब भी कहीं हमारे घर में मिल जाएगी| चित्र मेरी आँखों में अब भी बना हुआ है जो धुँधला हो गया था|
नाऊ वी आर फ़्लाइंग ओवर वंडर ऑफ़ द वर्ल्ड--------ग्रैंड कैन्यन, हेलीकॉप्टर चालक की आवाज से मेरी तन्द्रा भंग हुई| खिड़की से नीचे झाँका मेरी कॉपी के पन्ने पर पिता द्वारा खींची रेखा दुनिया के वितान पर एक विराट दर्रा, केवल रेखा नहीं था किसी कलाकार की पेंटिंग थी शायद, नहीं वो प्रकृति के ऐसे गुम्बद थे जैसे विष्णु के मंदिरों के होते हैं, वे रेत के टीले थे, वे लाल भूरे काले पहाड़ थे जिन पर नक्काशी दिखाई देती है| मैं रोमांचित होते हुए देख रही थी पिता का समझाया अजूबा, जो उनकी बेटी को उसकी बेटी ने दिखाया| पिता इस यात्रा में साथ नहीं हैं, उनका हाथ छूटे सालों हो गए, पर वे मेरे साथ थे| इस यात्रा में शब्द बन कर बार बार याद आ रहे थे मैंने आसमान की ओर देखा शायद वो मुझे दुनिया देखते हुए वहाँ से देख रहे हों? पिता से बेहतर भूगोल का शिक्षक मैंने अपने जीवन में फिर कहीं नहीं पाया और यात्रा गाइड तो वो अब भी मेरे बने रहते हैं शायद ही कोई यात्रा हो जिसमें वे याद ना आते हों| वे शब्दों से दुनिया भर की यात्रा करवा देते थे, जिज्ञासा जगाना कोई उनसे सीखे, वे आर्थिक रूप से संपन्न नहीं थे पर ज्ञान का अचूक भण्डार उनके पास था, न टी.वी. थे, ना फोन-कंप्यूटर का तो सवाल ही नहीं था फिर कैसे वे इतना जानते थे? मेरे लिए तो यही दुनिया का सबसे बड़ा अजूबा बना हुआ है|
कहाँ सोचा था कभी कि मैं कभी अमेरिका महाद्वीप पर जाऊँगी? सपना भी नहीं देखा था कभी भूली बिसरी बातें अचानक सामने आ जाएँ तो स्मृति हमें कहाँ-कहाँ ले उड़ती है, परिवार साथ था पर स्मृति पिता के साथ यात्रा करवा रही थी| नीचे लालिमा लिए भूरे मटमैले पठार थे जिन पर परत-दर-परत दरारें दिखाई दे रही थीं, इनके बीच कहीं-कहीं जल धाराएँ दिख रही थीं, दूर-दूर तक फैले निर्जन भयावह से लगते एक क्षितिज से दूसरे क्षितिज तक अनंत में फैले रेतीले मरुस्थलीय पठार| हेलीकॉप्टर ने एक अजीब सी घरघर शुरू की तो एक पल को लगा, यदि इस वीराने में कुछ हो जाए तो पानी की एक बूँद भी देने वाला नहीं मिलेगा पर सामने से आते दूसरे हेलीकॉप्टर ने भय को उड़न छू कर दिया|
अपनी तीसरी बार की अमेरिका यात्रा में इस बार बच्चों ने हमारे साथ कैलिफ़ोर्निया (संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी तट पर स्थित एक राज्य है) देखा। यह अमेरिका का सबसे अधिक आबादी और क्षेत्रफल में अलास्का और टेक्सास के पश्चात् तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। कैलिफ़ोर्निया के ऊपर औरिगन, और उसके नीचे मैक्सिको है। कैलिफ़ोर्निया की राजधानी सैक्रामेण्टो है। संयुक्त राज्य अमेरिका का आधा फल इस राज्य से आता है, ऐरिज़ोना [संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण पश्चिमी हिस्से में स्थित एक राज्य है] इसका सबसे बड़ा शहर और राजधानी फ़िनक्स है। दूसरा सबसे बड़ा राज्य टक्सन है और उसके बाद फ़िनक्स के महानगर क्षेत्र स्थित शहर मेसा, ग्लेनडेल, चंदलर और स्कॉट्सडेल है, लास वेगास (नवादा का सबसे ज़्यादा आबादी वाला शहर है), क्लार्क काउंटी का स्थान है और जुआ, खरीदारी तथा शानदार खान-पान के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाने वाला एक प्रमुख रिसॉर्ट शहर है। स्वयं को दुनिया की मनोरंजन राजधानी के रूप में प्रचारित करने वाला लॉस वेगास, कसीनो रिसॉर्ट्स की बड़ी संख्या और उनसे संबंधित मनोरंजन के लिए मशहूर है, सैन फ्रांसिस्को शहर [कैलिफ़ोर्निया में चौथी सबसे अधिक आबादी वाला शहर है और संयुक्त राज्य अमेरिका में 12 वीं सबसे अधिक आबादी वाला शहर है, यहाँ की 2008 में 808977 अनुमानित जनसंख्या है] जाने का प्रोग्राम बना लिया था उसी के साथ बच्चों ने इस विश्व के अजूबे को भी दिखाने का सोचा वो इसे पहले देख चुके थे| पल्लवी का कहना है कि यह लाइफ टाइम अचीवमेंट है माँ, चलो आपको नानाजी वाला ज्ञान आँखों से दिखाते हैं|
मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि आपके पिता की कोई इच्छा आपके बच्चे इस तरह पूरी कर सकते हैं| यात्रा अद्भुत थी पति और बच्चे दामाद साथ थे, फिर क्या था मैं घुमक्कड़ मेरा मन घुमक्कड़, यात्रा की यायावरी में रमती हूँ प्रकृति के साथ| अल सुबह हम लॉस वेगास से ट्रेवल्स की बुकिंग अनुसार सड़क मार्ग [हाईवे us 93] से बस द्वारा निकले यह बस हमें होटल से ही पिक अप करती है, हेलीपेड तक ले जाने के लिए| हमारा पहला पड़ाव था लॉस वेगास से 33 मील दूर स्थित हूवर बाँध| यह बाँध नेवादा और एरिज़ोना राज्य की सीमा पर कोलोरोडो नदी की ब्लैक कैनियन के ऊपर बना हुआ है, बेहद नाजुक दिखने वाला यह पुल अनोखे पुलों में शामिल है| सन् १९३६ में बन कर तैयार हुआ हूवर बाँध, जो कभी बौल्डर बाँध के नाम से जाना जाता था, एक कंक्रीट गुरुत्वाकर्षण-चाप बाँध है, जो अमेरिकी राज्यों एरिज़ोना और नेवादा की सीमा के बीच स्थित कोलोराडो नदी के ब्लैक कैनियन पर है| जब 1936 में इसका निर्माण पूरा हुआ, तब यह पनबिजली ऊर्जा उत्पन्न करने वाला विश्व का सबसे बड़ा स्टेशन और विश्व की सबसे बड़ी संरचना थी| 1945 में ग्रांड कौली बाँध, इन दोनों ही मामलों में इससे आगे निकल गया| यह आज की तारीख में विश्व का 38वां सबसे बड़ा पनबिजली उत्पादन केंद्र है|
लास वेगास, नेवादा के दक्षिणपूर्व में स्थित 30 मील (48 किमी) इस बाँध का नाम हरबर्ट हूवर के नाम पर रखा गया है जिन्होंने पहले एक वाणिज्य ट्रू िव के रूप में और बाद में अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में इस बाँध के निर्माण में एक सहायक भूमिका निभाई| इसका निर्माण 1931 में शुरू हुआ और 30 सितंबर 1935 को राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी. रूजवेल्ट द्वारा इसे समर्पित कर दिया गया, लेकिन इसका निर्माण 1936 तक ही पूर्ण हो पाया जो अपने निर्धारित समय से दो वर्ष आगे चल रहा था| यह बाँध और ऊर्जा संयंत्र अमेरिका के आंतरिक विभाग के ब्यूरो ऑफ़ रिक्लमेशन द्वारा संचालित होता है| 1981 में ऐतिहासिक स्थानों के राष्ट्रीय रजिस्टर में सूचीबद्ध होने के बाद, हूवर बाँध को 1985 में एक नैशनल हिस्टोरिक लैंडमार्क नामित किया गया| बाँध में इस्तेमाल किया गया कंक्रीट, सेन फ्रांसिस्को से न्यूयॉर्क तक के दो-लेन वाले एक राजमार्ग के निर्माण के लिए पर्याप्त है| अमेरिका में बने दुनिया के सबसे ऊँचे हूवर बाँध के निर्माण के साथ 112 मौतें जुड़ी हुई थीं| बाँध पर काम करते हुए कितने लोगों की मृत्यु हुई और मरने वालों में कौन पहला और कौन आखरी था, इसका कोई निश्चित विवरण नहीं है| एक लोकप्रिय कथा के अनुसार हूवर बाँध के निर्माण में मरने वाले प्रथम व्यक्ति सर्वेक्षक जे.जी. टिएर्नेय थे, जिनकी मृत्यु बाँध के लिए आदर्श स्थान ढूँढते हुए डूब जाने से हुई| संयोगवश, उनके बेटे, पैट्रिक डब्ल्यू टिएर्नेय, बाँध पर कार्य करते हुए मरने वाले अंतिम व्यक्ति थे, जो उनके पिता के मृत्यु दिवस से 13 वर्ष बाद था| छियानवे लोगों की मृत्यु निर्माण स्थल पर निर्माण के दौरान हुई| हालाँकि, एक और सर्वेक्षक की मृत्यु निर्माण से पहले एक संभावित निर्माण स्थल का सर्वेक्षण करते हुए हुई और इन आँकड़ों में निर्माण के दौरान हुए अन्य आकस्मिक और संयोग वश मृत्युएँ (जैसे दिल का दौरा, हृदयाघात, आदि) शामिल नहीं है| मीएड झील से बहता हुआ जल धीरे-धीरे संकुचित होते हुए स्लूस के माध्यम से गुज़रते हुए बिजलीघर में पहुँचता है और टर्बाइनों तक पहुँचते हुए उसकी गति लगभग 85 मील/घंटा (137 किमी/घंटा) हो जाती है| कोलोराडो नदी का पूरा प्रवाह टरबाइन के माध्यम से होकर गुजरता है जिसका पर्यावरण पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा| बाँध के निर्माण को नदी के मुहाने से संबद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के पतन के युग की शुरुआत के रूप में अंकित किया गया| बाँध के निर्माण के बाद और लेक मीएड के भर जाने पर, 1930 के दशक के उतरार्ध में छः साल के लिए, वस्तुतः पानी का कोई प्रवाह नदी के मुँह तक नहीं पहुँचा| डेल्टा के मुहाने को, जो पूर्व में कभी ताज़ेपानी-खारेपानी का एक मिश्रण क्षेत्र था और जो नदी के मुख से 65 किलोमीटर (40 मील) दक्षिण की ओर फैला हुआ था, एक व्युत्क्रम मुहाने में परिवर्तित कर दिया गया जहाँ नदी के मुख पर लवणता की मात्रा वास्तव में उच्च थी|
कोलोराडो नदी ने हूवर बाँध के निर्माण से पूर्व प्राकृतिक बाढ़ का अनुभव किया था| बाँध ने प्राकृतिक बाढ़ को समाप्त कर दिया, जिसके कारण बाढ़ के अनुसार अनुकूलित हो चुकी कई प्रजातियाँ, जिनमें पौधे और पशुएँ दोनों शामिल हैं, खतरे में आ गए|
बाँध के निर्माण ने, बाँध से अनुप्रवाहित नदी में रहने वाली स्थानीय मछलियों की जनसंख्या को भी बहुत कम कर दिया है| कोलोराडो नदी में रहने वाली मछलियों की चार स्थानीय प्रजातियों को, U.S. फेडरल सरकार द्वारा वर्तमान में लुप्तप्रायः के रूप में सूचिबद्ध किया गया है, यह प्रजातियाँ हैं बोनिटेल चब, कोलोराडो पाइकमिनो, हम्पबैक चब और रेज़रबैक सकर| हूवर बाँध को कई फिल्मों में प्रदर्शित किया गया, जिनमें दी सिल्वर स्ट्रीक, सेबोटेओर, वेगास वेकेशन, चेरी 2000, ट्रांसफॉर्मर्स, विवा लॉस वेगास, युनिवर्सल सोल्जर, सुपरमैन और दर्जनों अन्य फिल्मों में शामिल हैं| कहते हैं, यह बाँध इंजीनियरिंग की दुनिया में कमाल माना जाता है|
एरिज़ोना का मरुस्थल शुरू हो चुका था| हमें एक छोटी ड्राइव के बाद पहुँचना था किंग्समन शहर और फिर बोल्डरसिटी म्युनिसिपल एयर पोर्ट जहाँ हक्बेरी जनरल स्टोर है यहाँ से बेटी ने और मैंने पत्थरों की बनी कुछ गिफ्ट खरीदी| महँगा स्टोर था पर कुछ यादगारी तो लेनी ही थी सो ले ली| यहाँ से हेलीकॉप्टर से जाना था| हम थोड़ा विलम्ब से पहुँचे थे इंतज़ार करना पड़ा और तब तक भूख ने भी आक्रमण कर ही दिया था पर शाकाहारी मैं, तिवारीजी और बेटी कुछ हमारे मालवा जैसा चटपटा कचोरी समोसा तो मिलना नहीं था| बेटे दामाद ने आमलेट लिया और हमने बनाना ब्रेड और फल| मुझे मूँगफली और पकोड़े याद आये तो हँसी आ गई, पति देव ने पूछा कचोरी को याद कर रही हो, तो निकालो न इंदौरी सूखी कचोरी? भूल गई लाना| हेलीकॉप्टर में खिड़की मुझे मिली, पहला अनुभव था हेलीकॉप्टर का, हमें बेल्ट लगाना था उसी में लगा था हेडफोन, उड़ चले थे एक नए अनुभव की ओर| पहले आया हरा हरा सा दिखता बोल्डर सिटी फिर पिच-स्प्रिंग और फिर ग्रैंड कैन्यन जहाँ कोलोराडो नदी और उसकी सहायक नदियों ने रचा था एक अनोखा लैंडस्केप| बेहद रूखे क्षेत्र में कहीं-कहीं कुछ कँटीली झाड़ियाँ दिखाई दे रही थीं पर मरुस्थल का विस्तार तो रुखा और सुखा ही था, अगर हम हवाई मार्ग की जगह सड़क मार्ग से जाते तो किंगस्मन से स्ट्रेट रोड AZ 66 से 174 मील चलना पड़ता, पर तपती गर्म मरुभूमि का वीराना जिस पर परदेस। हवाई मार्ग ही ठीक लगा रेतीले पथरीले निर्जन-वीराने का एक अलग ही सम्मोहन महसूस हो रहा था| हमारा हेलीकॉप्टर पैचस्प्रिंग मे घूम रहा था चालक ने बताया कहीं-कहीं पहाड़ों के बीच बस्ती भी है कैनियन की गुफाओं और कुटिया जैसे घरों में अमेरिका के मूल वासी इतिहास काल से निवास करते हैं| देख रही थी मैं धरती की अरबों साल की भौगोलिक यात्रा 450 किलोमीटर लम्बी और 1,800 मीटर से भी ज्यादा खड़ी गहराई। याद आती है एक कहावत---करत-करत अभ्यास के, जड़मति होत सूजान, रस्सी आवत जात के सील पर पड़त निशान| ओह चट्टानों पर पानी की धार के निशान साफ दिखाई दे रहे थे| कोलोराडो नदी तुम पुरातन काल से यहाँ अपनी उपस्थिति के प्रमाण बना रही हो, चट्टानों से लड़ रही हो, आखिर क्यों? हेलीकॉप्टर उतर रहा है धीरे-धीरे जमीन पर| पहले से उतरा हेली
कॉप्टर उड़ान भरने को है, लाल भूरे रंग की ज़मीन पर हम खड़े सामने धीर-समीर नदी है काँच जैसा पानी, ग्रैंड कैन्यन घाटी संयुक्त राज्य अमेरिका के एरिज़ोना राज्य से होकर बहने वाली कोलोराडो नदी की धारा से बनी तंग घाटी है। यह घाटी अधिकांशत: ग्रैंड कैन्यन नेशनल पार्क से घिरी है जो अमेरिका के सबसे पहले राष्ट्रीय उद्यानों में से एक था। इस स्थान पर पहुँचने वाले पहले यूरोपीय यात्री स्पेन के गार्सिया लोपेज दि गार्सेनाज थे जो यहाँ १५४० में पहुँचे थे। नए परीक्षणों के बाद भू-विशेषज्ञों का कहना है कि कोलोराडो बेसिन एक करोड़ सत्तर लाख वर्ष पूर्व बना था। वर्ष २००८ में इस नई खोज को प्रकाशित किया गया था जो घाटी से मिले कैल्साइट की यूरेनियम जाँच के बाद प्रकाश में आया था। हालाँकि बाद में इस खोज पर बहुत विवाद भी हुआ था। लगभग २० करोड़ वर्ष पूर्व कोलोराडो नदी और उसकी सहायक नदियों ने इस क्षेत्र को परत दर परत काटा था और कोलोराडो पठार ऊपर उठता गया था| चालक कहने लगा-“वर्ष २००८ में इस नई खोज को प्रकाशित किया गया था जो घाटी से मिले कैल्साइट की यूरेनियम जाँच के बाद प्रकाश में आया था। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट ने पिछली शताब्दी के आरंभ में ग्रैंड कैन्यन पार्क को राष्ट्रीय संपत्ति घोषित किया था। आज यह कई प्राणियों को संरक्षण देता है। कोलोराडो नदी में भी पर्यटक कई तरह के जल-क्रीड़ा (वाटर स्पोर्ट्स) का आनंद भी उठाते हैं। इस विशालकाय घाटी को देखने के लिए पर्यटकों को हवाई जहाज की सुविधा भी मिलती है। एक विशाल प्राकृतिक अजूबे के साथ ही ग्रैंड कैन्यन अमेरिका के सबसे बड़े पर्यटक केंद्रों में से एक है। ग्रैंडव्यू पाइंट से ग्रैंड कैन्यन और ब्लू आवर, ग्रैंड कैन्यन का आलौकिक दृश्य, सामने दूर तक अनंत विस्तार लिए पहाड़ों में अनेकानेक खाइयों से तराशी पत्थरों के अलग-अलग लाल-भूरे, धूसर-मटमैले, शाहबलूती-सुनहरे रंगों की कलाकृतियाँ दो बिलियन सालों का धरती के विकास का
भूगर्भीय प्रमाण बिखरा पड़ा था। सालों साल हुई धरती की कोख में ज्वालामुखीय हलचल का एक अमूल्य दस्तावेज़। जहाँ आग्नेय चट्टानें पठारों के रूप मे ऊपर उठती गईं| आश्चर्य होता है कि कोलोरोड़ो नदी की मंद-मंथर गति भी पत्थरों को इस तरह काट अपने अस्तित्व का संघर्ष कर रही है। पल्लवी मेरा हाथ खींचती नदी के किनारे ले गई फोटो खींचने| फोटो तो मैंने पत्थरों, कँटीली झाड़ियों कैक्टस सब के लिये। नदी मुझे पास बुलाती रही शायद अपने गहन गहराइयों मे दबे राज़ सुनाना चाहती हो। मुख्य खाई घोड़े की नाल के आकार की है| गाइड कहता यह अँग्रेजी अक्षर C का आकार है मुझे शिवलिंग सा लगता है आस्तिक होने के ही फायदे हैं ये| मैं नमन कर लेती हूँ शिवलिंग हो ना हो प्रकृति का कृतित्व तो है ही। सामने के ये पठार विष्णु टेम्पल कहलाते हैं अपने आकार प्रकार से। भूख तेज़ हो जाती हमारा लंच शाकाहारी लिखवाया था पर माँसाहारी निकला बियर, आइसक्रीम और बनाना से काम चलाना पड़ा पैसे वापस दिये| नैसर्गिक सौंदर्य का रोमांचक अनुभव जिसमें पानी इंद्रधनुष दिखाई देता है । समय हो गया वापस चलने का हेलीकॉप्टर चालक अब मित्र बन गए| खूब फोटो खींचने के बाद फिर उड़ान वीराने से सघन मानवीय आबादी वाले लॉस वेगास। प्लान बनता है क्यों ना कल आधा दिन है स्काय वॉक भी कर लें------कोलोराडो तुम हमेशा याद रहोगी| मैं हेलीकॉप्टर में आने के पहले दोनों हाथ ऊपर करती हूँ पिता को आवाज लगाती------------देखो पापा आज मैंने अजूबा देख लिया---------देखी मैंने एक नदी, गाती रीति रेत हुई
मरुस्थली चट्टानों से
वह खूब लड़ी
बढ़ती चली, बहती गई, बाँधी गई, साधी गई,
फिर भी वह न ठहर सकी
झुकी नहीं, टूटी नहीं, मुड़-मुड़कर वह निकल चली|
डॉ. स्वाति तिवारी
ई-एन १/९, चार इमली,
भोपाल-४६२०१६
संपर्क-०९४२४०-११३३४


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